Weather Update: नई दिल्ली। इस साल सर्दी के बाद बसंत की झलक लगभग नजर नहीं आई और सीधे गर्मी का एहसास होने लगा। मार्च के मध्य में ही कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच गया, जिससे लू जैसी स्थिति बनी। लेकिन अब मौसम विभाग (IMD) ने एक बार फिर बड़ा बदलाव बताया है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत में बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी की संभावना है, जबकि कुछ क्षेत्रों में अभी भी भीषण लू चल सकती है।
भीषण लू का अलर्ट जारी
मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश, विदर्भ, कोंकण, सौराष्ट्र और कच्छ में 13 मार्च को भीषण उष्ण लहर (लू) की स्थिति रही। ओडिशा में 13-14 मार्च और झारखंड में 14-15 मार्च तक लू से भीषण उष्ण लहर चलने की प्रबल संभावना है। इन क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 40-42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। हालांकि, 15-16 मार्च के बाद इन इलाकों में स्थिति सुधरने की उम्मीद है।
पश्चिमी भारत, खासकर गुजरात और राजस्थान के कुछ हिस्सों में गर्मी पहले से ही चरम पर है। IMD ने चेतावनी दी है कि गर्मी का यह दौर मार्च-मई तक सामान्य से अधिक रह सकता है, लेकिन फिलहाल बदलाव आ रहा है।
भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना
उत्तर-पूर्वी राज्यों में मानसून जैसी बारिश हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश में 13 मार्च और 14-16 मार्च के दौरान भारी बारिश की चेतावनी है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 13-16 मार्च, जबकि असम और मेघालय में 13-15 मार्च तक भारी बारिश संभव है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
पश्चिमी हिमालय क्षेत्र (जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड) में 14 मार्च तक छिटपुट हल्की बारिश या बर्फबारी जारी रह सकती है। 15 से 19 मार्च तक बारिश का दायरा बढ़ेगा और व्यापक स्तर पर हो सकती है। 15-16 मार्च को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और हिमाचल में, जबकि 14 मार्च को उत्तराखंड में गरज-बिजली और 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
उत्तर भारत में बारिश और तेज हवाओं का दौर
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 15-19 मार्च तक छिटपुट हल्की बारिश, गरज-चमक और 30-50 किमी/घंटा की तेज हवाएं संभव हैं। उत्तर प्रदेश में 15-16 मार्च, राजस्थान में 14 मार्च को ऐसी स्थिति बनेगी। उत्तराखंड में 15-16 मार्च को कुछ जगहों पर तेज हवाएं 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं, जबकि झोंके 70 किमी/घंटा तक पहुंच सकते हैं।
ओलावृष्टि का खतरा भी बढ़ा है। 15 मार्च को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और हिमाचल में, 15-16 मार्च को उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश में, जबकि 16 मार्च को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ओलावृष्टि की संभावना है। यह फसलों और आम लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
क्यों बदल रहा है मौसम?
IMD के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ 14 मार्च से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर रहा है, जिससे हिमालयी क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी और मैदानी इलाकों में गरज-चमक वाली बारिश हो रही है। इससे पहले ला नीना जैसी स्थितियां और समुद्री प्रभावों से गर्मी बढ़ी थी, लेकिन अब ठंडी हवाओं का दौर शुरू हो रहा है।
यह मौसम परिवर्तन मार्च में ही गर्मी और बारिश का मिश्रण दिखा रहा है, जो जलवायु परिवर्तन का संकेत हो सकता है। IMD लगातार अपडेट जारी कर रहा है, इसलिए स्थानीय मौसम समाचारों पर नजर रखें।