Trending News

कर्मचारियों की सैलरी में उछाल! BPMS ने 8वें Pay Commission में 6% इंक्रीमेंट और 72 हजार बेसिक मांगा

By Lucky Verma On April 24, 2026
1 min read 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
8th Pay Commission Latest News 2026
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

8वें Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग की चर्चा तेज हो गई है। रक्षा क्षेत्र के प्रमुख संगठन भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) ने आयोग को विस्तृत मेमोरेंडम सौंप दिया है। इसमें न्यूनतम बेसिक सैलरी, फिटमेंट फैक्टर, सालाना इंक्रीमेंट और परिवार के आकार जैसे अहम मुद्दों पर बड़े बदलाव की मांग की गई है। ये मांगें सिर्फ कागजी नहीं, बल्कि ठोस आंकड़ों और वर्तमान महंगाई-जीवनशैली पर आधारित हैं। अगर ये स्वीकार होती हैं तो लाखों सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में उछाल आ सकता है। आइए जानते हैं BPMS ने आयोग के सामने क्या-क्या रखा है और ये मांगें क्यों मायने रखती हैं।

BPMS कौन है और मेमोरेंडम क्यों महत्वपूर्ण?

भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) रक्षा मंत्रालय के अधीन काम करने वाले कर्मचारियों का बड़ा और सक्रिय संगठन है। यह केंद्रीय कर्मचारियों के हितों की लड़ाई लड़ता आया है। 30 अप्रैल 2026 की डेडलाइन से पहले BPMS ने अपना मेमोरेंडम जमा कर दिया है, जो आयोग की सिफारिशों के लिए बहुत अहम है।

इस मेमोरेंडम की खासियत ये है कि इसमें सिर्फ मांगें नहीं, बल्कि ठोस तथ्य और आंकड़े दिए गए हैं। संगठन ने देश की प्रति व्यक्ति आय में 87% की बढ़ोतरी का हवाला दिया है। साथ ही महंगाई, बढ़ते खर्च और जीवन स्तर को ध्यान में रखकर सुझाव दिए गए हैं। आयोग इन सुझावों को जरूर ध्यान में लेगा, हालांकि अंतिम फैसला केंद्र सरकार का होगा।

न्यूनतम बेसिक सैलरी 72,000 रुपये करने की मांग – कारण क्या?

BPMS की सबसे बड़ी और चर्चित मांग है कि न्यूनतम बेसिक सैलरी को 18,000 रुपये से बढ़ाकर 72,000 रुपये मासिक किया जाए।

इसके पीछे मजबूत तर्क है। 2016-17 में देश की प्रति व्यक्ति आय 1.03 लाख रुपये थी, जो 2024-25 में बढ़कर 1.92 लाख रुपये हो गई है। यानी करीब 87% की बढ़ोतरी हुई है। BPMS कहता है कि जब अर्थव्यवस्था और आम जनता की आय इतनी बढ़ गई है तो सरकारी कर्मचारियों की सैलरी भी उसी अनुपात में बढ़नी चाहिए।

महंगाई ने रोजमर्रा के खर्चों को आसमान छू लिया है। किराया, शिक्षा, स्वास्थ्य और खाने-पीने का खर्च पुरानी सैलरी से संभालना मुश्किल हो गया है। संगठन का कहना है कि 72,000 रुपये की न्यूनतम सैलरी से कर्मचारी सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे और काम के प्रति समर्पण भी बढ़ेगा।

फिटमेंट फैक्टर को 4 गुना करने का प्रस्ताव

7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था। BPMS ने इसे बढ़ाकर 4 करने की मांग की है। फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक है जिससे पुरानी सैलरी को गुणा करके नई सैलरी तय होती है। अगर यह 4 हो जाता है तो कर्मचारियों की सैलरी में काफी बड़ा उछाल आएगा।

BPMS का तर्क है कि महंगाई और आय वृद्धि को देखते हुए 4 का फिटमेंट फैक्टर उचित संतुलन बनाएगा। गौरतलब है कि NC-JCM नामक दूसरे संगठन ने 3.833 का प्रस्ताव दिया है, लेकिन BPMS 4 पर अड़ा हुआ है। दोनों प्रस्तावों पर आयोग विचार करेगा।

सालाना इंक्रीमेंट 3% से बढ़ाकर 6% करने की मांग

सिर्फ बेसिक सैलरी ही नहीं, BPMS ने सालाना वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) को भी 3% से बढ़ाकर 6% करने का सुझाव दिया है।

वर्तमान में कर्मचारियों को हर साल 3% इंक्रीमेंट मिलता है, लेकिन महंगाई दर के मुकाबले यह कम पड़ जाता है। BPMS कहता है कि सिर्फ महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाने से काम नहीं चलेगा। असली क्रय शक्ति बढ़ाने के लिए इंक्रीमेंट भी दोगुना होना चाहिए। इससे लंबे समय में कर्मचारी और पेंशनर्स को ज्यादा फायदा होगा और वे बेहतर भविष्य की योजना बना सकेंगे।

परिवार के आकार को 3 से बढ़ाकर 5 सदस्य करने का व्यावहारिक सुझाव

BPMS का एक और दिलचस्प सुझाव है – वेतन निर्धारण के समय परिवार का आकार 3 सदस्यों की बजाय 5 सदस्य माना जाए।

आज के समय में ज्यादातर कर्मचारी माता-पिता, पत्नी और दो बच्चों की जिम्मेदारी उठाते हैं। पुराना 3 सदस्यों का फॉर्मूला अब वास्तविकता से मेल नहीं खाता। अगर परिवार का आकार 5 माना जाए तो न्यूनतम जरूरी खर्च की गणना ज्यादा यथार्थवादी होगी। यह मांग आम कर्मचारी की रोजमर्रा की जिंदगी को ध्यान में रखकर दी गई है और इसे जमीनी स्तर का माना जा रहा है।

8वें वेतन आयोग की पृष्ठभूमि और आगे क्या?

सरकार ने 17 जनवरी 2025 को 8वें वेतन आयोग का गठन किया था। यह आयोग हर 10 साल में बनता है और केंद्र सरकार के कर्मचारियों-पेंशनर्स की सैलरी, भत्तों और पेंशन की समीक्षा करता है। आयोग को 18 महीने का समय मिला है और मई 2027 तक रिपोर्ट देनी है।

30 अप्रैल 2026 तक सभी हितधारकों से सुझाव मांगे गए थे। BPMS ने समय से पहले मेमोरेंडम सौंपकर अपनी सक्रियता दिखाई है। अब आयोग सिफारिशें तैयार करेगा और अंतिम मंजूरी कैबिनेट देगी।

FAQ

  1. BPMS ने फिटमेंट फैक्टर कितना मांगा है?
    Ans. BPMS ने 2.57 की जगह 4 का फिटमेंट फैक्टर मांगा है। हालांकि यह सिर्फ प्रस्ताव है। अंतिम फैसला आयोग और सरकार तय करेगी।
  2. क्या न्यूनतम सैलरी 72,000 रुपये हो जाएगी?
    Ans. : यह BPMS की मांग है। अगर आयोग इसे उचित मानेगा तो संभव है, लेकिन पिछले अनुभवों में मांग और मंजूरी के बीच अंतर रहता है।
  3. ये बदलाव कब लागू होंगे?
    Ans. : रिपोर्ट मई 2027 तक आएगी। लागू होने में और समय लग सकता है।

निष्कर्ष

BPMS का मेमोरेंडम केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीदों को नई दिशा दे रहा है। अगर ये मांगें पूरी या आंशिक रूप से मानी गईं तो सैलरी, भत्ते और जीवन स्तर में सुधार होगा। कर्मचारी अब आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर रहे हैं। क्या सरकार इन मांगों को ध्यान में लेगी? अपडेट्स के लिए बने रहें।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Lucky Verma

नमस्ते! मैं लकी वर्मा हूँ। मुझे सरकारी नौकरी और शिक्षा से जुड़ी अपडेट्स के क्षेत्र में 6+ वर्षों का अनुभव है। मैं सरकारी नौकरी, भर्ती नोटिफिकेशन, एडमिट कार्ड, रिजल्ट और सरकारी योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी आप तक पहुँचाने का प्रयास करता हूँ।

Leave a Comment