Sarkari Yojana

Dairy Subsidy 2026: डेयरी खोलने पर सरकार देगी ₹11.80 लाख तक का अनुदान, 10 देसी गायों की यूनिट के लिए ऐसे करें आवेदन

By Sunita Kumari On November 7, 2026
4 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
dairy-subsidy-2026-mini-nandini-yojana
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Dairy Subsidy 2026: अगर आप गाँव में रहकर पशुपालन से अपनी आमदनी बढ़ाना चाहते हैं, तो उत्तर प्रदेश सरकार की एक योजना आपके काम की हो सकती है। Dairy Subsidy 2026 के तहत नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंदर मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना चलाई जा रही है। इसमें 10 देसी गायों की डेयरी इकाई लगाने पर सरकार परियोजना लागत का 50 प्रतिशत हिस्सा अनुदान के रूप में देती है, जो अधिकतम ₹11.80 लाख तक हो सकता है।

इस लेख में हम आसान भाषा में समझेंगे कि योजना क्या है, कौन आवेदन कर सकता है, पैसा कितनी किस्तों में आता है, कौन-से दस्तावेज चाहिए और आवेदन कैसे करना है।

Dairy Subsidy 2026 पहले एक जरूरी बात समझ लीजिए

कई लोग “₹11.80 लाख की सब्सिडी” पढ़कर समझ लेते हैं कि आवेदन करते ही यह रकम मिल जाएगी। ऐसा नहीं है।

  • ₹11.80 लाख एक तय रकम नहीं, बल्कि अधिकतम सीमा है। यह निर्धारित परियोजना लागत का आधा हिस्सा है।
  • अनुदान तभी मिलेगा जब आप पात्रता और सभी शर्तें पूरी करेंगे।
  • अंतिम चयन विभागीय जाँच, स्वीकृति और जिले के उपलब्ध लक्ष्य पर निर्भर करता है।

इसलिए आवेदन से पहले शर्तें अच्छी तरह पढ़ लेना समझदारी है।

मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना क्या है?

यह उत्तर प्रदेश सरकार के नंद बाबा दुग्ध मिशन का हिस्सा है, जिसे दुग्धशाला विकास विभाग संचालित करता है। इसका मकसद है कि प्रदेश में देसी नस्लों की गायों का पालन बढ़े, दूध का उत्पादन बढ़े और गाँवों में डेयरी को एक भरोसेमंद रोजगार के रूप में खड़ा किया जा सके।

योजना में साहीवाल, गिर और थारपारकर नस्ल की गायें शामिल हैं। ये तीनों नस्लें अपने दूध और भारतीय मौसम के अनुकूल होने के लिए जानी जाती हैं। योजना का लाभ प्रदेश के सभी जनपदों में दिया जा सकता है, लेकिन यह हर जिले के तय लक्ष्य और चयन प्रक्रिया के हिसाब से होगा।

10 गायों की डेयरी पर कितना पैसा मिलेगा?

योजना में 10 गायों की इकाई की निर्धारित परियोजना लागत ₹23.60 लाख है। इसका बँटवारा कुछ इस तरह है:

विवरण हिस्सा / राशि
कुल परियोजना लागत ₹23.60 लाख
सरकारी अनुदान (अधिकतम) 50% यानी ₹11.80 लाख
लाभार्थी का अपना अंशदान 15%
बैंक ऋण का प्रावधान 35%

यानी आधा खर्च सरकार उठाती है, 15 प्रतिशत आपको अपनी जेब से लगाना होता है और बाकी 35 प्रतिशत बैंक लोन से जुटाया जा सकता है।

अगर बैंक से लोन नहीं लेना चाहते तो? तब आपको यह साबित करना होगा कि आपके पास अपने वित्तीय संसाधन मौजूद हैं। इसके लिए कम से कम छह महीने का सत्यापित बैंक स्टेटमेंट माँगा जा सकता है।

अनुदान की रकम कितनी किस्तों में आती है?

पूरा अनुदान एक साथ नहीं मिलता। यह दो चरणों में जारी होता है:

  1. पहली किस्त (25%): जब डेयरी के लिए जरूरी ढाँचा, जैसे शेड आदि तैयार हो जाता है।
  2. दूसरी किस्त (25%): जब निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार गायों की खरीद पूरी हो जाती है।

दोनों किस्तें मिलाकर 50 प्रतिशत बनती हैं। पैसा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के जरिए भेजा जाता है, इसलिए बीच में किसी को कमीशन देने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।

Dairy Subsidy 2026: पात्रता की शर्तें

आवेदन करने से पहले देख लें कि आप ये शर्तें पूरी करते हैं या नहीं:

  • आवेदक उत्तर प्रदेश का निवासी हो।
  • गाय या भैंस पालन का कम से कम 3 साल का अनुभव हो।
  • इस अनुभव का प्रमाण मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (CVO) से सत्यापित हो।
  • डेयरी बनाने के लिए करीब 0.20 एकड़ (लगभग 8,712 वर्ग फुट) जमीन उपलब्ध हो।
  • सालभर के लिए हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था हो। जरूरत पड़ने पर स्थानीय चारा उत्पादकों या आपूर्तिकर्ताओं से व्यवस्था का प्रमाण या शपथ पत्र देना पड़ सकता है।
  • योजना की बाकी वित्तीय और विभागीय शर्तें पूरी हों।

गायों की खरीद के नियम

सिर्फ पैसा मिल जाना काफी नहीं, गाय भी तय मानकों के हिसाब से खरीदनी होती है:

  • गाय साहीवाल, गिर या थारपारकर नस्ल की हो।
  • गाय पहले या दूसरे ब्यांत की हो।
  • उसका ब्यांत 45 दिन से ज्यादा पुराना न हो।
  • जहाँ तक संभव हो, खरीद गाय के मूल प्रजनन क्षेत्र (Breeding Tract) से और उत्तर प्रदेश के बाहर से, तय प्रक्रिया के अनुसार हो।
  • हर गाय का ईयर टैग लगवाना और बीमा कराना जरूरी है।

सावधानी: आवेदन करने या स्वीकृति मिलने से पहले गायें न खरीदें। सारी खरीद विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही करें, वरना अनुदान अटक सकता है।

किन लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा?

जिन लोगों ने पहले इनमें से किसी योजना का फायदा ले लिया है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं माने जाएँगे:

  • कामधेनु योजना
  • मिनी कामधेनु योजना
  • माइक्रो कामधेनु योजना
  • नंद बाबा दुग्ध मिशन की नंदिनी कृषक समृद्धि योजना
  • मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना

अगर आपको याद नहीं कि पहले कभी लाभ लिया था या नहीं, तो आवेदन से पहले संबंधित विभाग से पुष्टि कर लें।

Dairy Subsidy 2026 के लिए आवेदन कैसे करें? (Step by Step)

आवेदन ऑनलाइन होता है और इसके लिए नंद बाबा दुग्ध मिशन का आधिकारिक पोर्टल इस्तेमाल किया जाता है।

  1. नंद बाबा दुग्ध मिशन की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
  2. वहाँ मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना का विकल्प चुनें।
  3. पंजीकरण वाले विकल्प पर जाकर माँगी गई जानकारी भरें।
  4. लॉगिन करके आवेदन फॉर्म खोलें।
  5. अपनी व्यक्तिगत जानकारी और पशुपालन के अनुभव का ब्योरा भरें।
  6. जमीन, चारा प्रबंधन और डेयरी इकाई से जुड़ी जानकारी दर्ज करें।
  7. जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
  8. पूरा फॉर्म ध्यान से जाँचकर सबमिट करें।
  9. आवेदन की रसीद या पंजीकरण विवरण संभालकर रखें।

आवेदन शुरू होने की तारीख, जिलेवार लक्ष्य और अंतिम तिथि जैसी जानकारी हमेशा आधिकारिक पोर्टल पर ही जाँचें।

चयन कैसे होगा?

आवेदन करने वाले हर व्यक्ति को अनुदान मिलना पक्का नहीं है। विभाग पहले आवेदनों की जाँच करता है:

  • फॉर्म में दी गई जानकारी का मिलान किया जाता है।
  • पशुपालन का अनुभव और जमीन से जुड़ी शर्तें सत्यापित होती हैं।
  • आवेदक की वित्तीय व्यवस्था की भी जाँच हो सकती है।
  • अगर आवेदन ज्यादा आए, तो मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति ई-लॉटरी के जरिए चयन कर सकती है।
  • चयनित लाभार्थियों को आगे की प्रक्रिया तय नियमों के अनुसार पूरी करनी होती है।

मतलब अंतिम फैसला विभागीय स्वीकृति और उपलब्ध लक्ष्य के आधार पर होता है।

जरूरी दस्तावेजों की सूची

दिशा-निर्देशों के अनुसार ये कागजात माँगे जा सकते हैं:

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • बैंक खाते की जानकारी
  • जमीन या उपलब्ध भूमि का प्रमाण
  • पशुपालन अनुभव का प्रमाण पत्र
  • चारा प्रबंधन का शपथ पत्र
  • बैंक ऋण से जुड़े दस्तावेज (अगर लोन ले रहे हों)
  • छह महीने का सत्यापित बैंक स्टेटमेंट (अगर अपने संसाधनों से खर्च उठा रहे हों)
  • विभाग द्वारा माँगे गए अन्य दस्तावेज

दस्तावेजों की अंतिम और सटीक सूची आवेदन पोर्टल या अपने जिला कार्यालय से जरूर लें।

जानकारी के लिए कहाँ संपर्क करें?

अपने जिले में इन कार्यालयों से जानकारी ली जा सकती है:

  • मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय
  • उप दुग्धशाला विकास अधिकारी कार्यालय
  • मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय
  • नंद बाबा दुग्ध मिशन का आधिकारिक पोर्टल

आवेदन की तारीख, जिले का लक्ष्य, चयन प्रक्रिया और दस्तावेजों के बारे में सबसे सही जानकारी यहीं से मिलेगी।

आवेदन से पहले इन बातों का ध्यान रखें

  • पहले हिसाब लगाएँ: 15% अंशदान और 35% लोन की किस्तें चुकाने की क्षमता पहले ही परख लें।
  • चारे की योजना बनाएँ: 10 गायों के लिए सालभर हरा चारा चाहिए। इसका इंतजाम पहले से सोचकर रखें।
  • कागजात पहले से तैयार रखें: अनुभव प्रमाणपत्र और CVO का सत्यापन बनवाने में समय लग सकता है।
  • खरीद जल्दबाजी में न करें: स्वीकृति और विभागीय नियमों के बिना गायें खरीदना नुकसानदेह हो सकता है।
  • सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें: अनुदान दिलाने के नाम पर पैसे माँगने वालों से सावधान रहें।

आवेदन करने के लिए महत्वपूर्ण लिंक्स

नंद बाबा दुग्ध मिशन आधिकारिक वेबसाइट Nand Baba Dugdh Mission
मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना Mini Nandini Scheme
ऑनलाइन पंजीकरण Nand Baba Mission Registration
योजना के शासनादेश Scheme Government Orders

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1. 10 गायों की डेयरी खोलने पर कितनी सब्सिडी मिलेगी?
उत्तर: 10 गायों की इकाई की परियोजना लागत ₹23.60 लाख तय है। इसका अधिकतम 50 प्रतिशत, यानी ₹11.80 लाख, अनुदान के रूप में मिल सकता है। यह पात्रता और शर्तें पूरी करने पर ही मिलता है।

प्रश्न 2. मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना किस राज्य में लागू है?
उत्तर: यह उत्तर प्रदेश सरकार की योजना है। आधिकारिक विवरण के अनुसार यह प्रदेश के सभी जनपदों में लागू है।

प्रश्न 3. योजना में कौन-सी नस्ल की गाय खरीद सकते हैं?
उत्तर: साहीवाल, गिर और थारपारकर नस्ल की गायों की 10 पशुओं वाली इकाई स्थापित करने का प्रावधान है।

प्रश्न 4. क्या डेयरी खोलने के लिए बैंक से लोन लेना जरूरी है?
उत्तर: योजना में 35 प्रतिशत बैंक ऋण का प्रावधान है, लेकिन लोन लेना अनिवार्य नहीं बताया गया है। अगर आप लोन नहीं लेते, तो अपने वित्तीय संसाधनों का प्रमाण देना होगा, जैसे छह महीने का सत्यापित बैंक स्टेटमेंट।

प्रश्न 5. क्या महिला पशुपालकों को प्राथमिकता मिलेगी?
उत्तर: हाँ, योजना में 50 प्रतिशत लाभार्थी महिला पशुपालक या दुग्ध उत्पादक रखने का प्रावधान है।

प्रश्न 6. क्या पशुपालन का अनुभव जरूरी है?
उत्तर: हाँ, गाय या भैंस पालन का कम से कम तीन साल का अनुभव जरूरी है। इसका प्रमाण मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से सत्यापित होना चाहिए।

प्रश्न 7. डेयरी यूनिट लगाने के लिए कितनी जमीन चाहिए?
उत्तर: लगभग 0.20 एकड़, यानी 8,712 वर्ग फुट जमीन की जरूरत है। साथ ही हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था भी होनी चाहिए।

प्रश्न 8. क्या अनुदान सीधे बैंक खाते में मिलेगा?
उत्तर: हाँ, स्वीकृत अनुदान तय प्रक्रिया के अनुसार लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के जरिए भेजा जाता है।

प्रश्न 9. क्या पहले किसी सरकारी डेयरी योजना का लाभ ले चुका व्यक्ति आवेदन कर सकता है?
उत्तर: नहीं। कामधेनु, मिनी कामधेनु, माइक्रो कामधेनु, नंदिनी कृषक समृद्धि योजना और मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के पूर्व लाभार्थी इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।

Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी सरकार की मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना (नंद बाबा दुग्ध मिशन) के उपलब्ध विवरण पर आधारित है और केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखी गई है। यह वेबसाइट किसी सरकारी विभाग या योजना से संबद्ध नहीं है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Sunita Kumari

नमस्कार! मेरा नाम सुनीता कुमारी है और मैं ग्रेजुएट हूँ। मुझे पत्रकारिता के क्षेत्र में 2 वर्षों का अनुभव है। DainikNews.in के माध्यम से मैं सरकारी योजनाओं और शिक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सरल, सटीक और विश्वसनीय तरीके से पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास करती हूँ। मेरा उद्देश्य पाठकों को सही एवं उपयोगी जानकारी प्रदान करना है।

Leave a Comment